बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक
परीक्षाएं अब 20 अप्रैल से

राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड के परीक्षा शेड्यूल में सरकार ने किया बदलाव

आठ से 20 मार्च के बीच

शिमला। हिमाचल प्रदेश में दसवीं

शाम के सत्र में होंगी

और बारहवीं कक्षाओं की राज्य

नौवीं और जमा एक की

स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक

वार्षिक परीक्षाएं

परीक्षाएं अब चार मई की जगह

बीस अप्रैल से शुरू होंगी। बोर्ड की

गैर बोर्ड कक्षाओं नौवीं और जमा

ओर से बीते दिनों जारी परीक्षा 10वीं और 12वीं कक्षा की

एक की वार्षिक परीक्षाएं आठ से

20 मार्च के बीच शाम के सत्र में

शेड्यूल में प्रदेश सरकार ने बदलाव प्री बोर्ड परीक्षाएं 8 से 20

होंगी। 31 मार्च को इनके परिणाम

करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व मार्च के बीच सुबह के सत्र में घोषित होंगे। एक अप्रैल 2021 से

निर्धारित प्रस्ताव

अब करीब दो

नया शैक्षणिक सत्र शुरू किया

सप्ताह पहले परीक्षाएं लेने की तैयारी निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा जाएगा। इनके प्रैक्टीकल 1 से 5

है। उच्च शिक्षा निदेशालय और ने बताया कि जल्द प्री बोर्ड मार्च के बीच होंगे। शिक्षा बोर्ड ने

स्कूल शिक्षा बोर्ड के बीच इसको परीक्षाओं की डेटशीट घोषित की शिक्षा उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं

लेकर औपचारिकताएं पूरी की जा जाएगी। गौर हो कि सीबीएसई ने कि विद्यार्थी संख्या के मुताबिक

रही हैं।

चार मई से देश भर में दसवीं और प्रश्नपत्रों के लिए आवेदन करें।

उधर, दसवीं और बारहवीं कक्षा बारहवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं

की प्री बोर्ड परीक्षाएं 8 से 20 मार्च लेने की घोषणा की है। इसी बीच अभिभावकों का कहना है कि

के बीच सुबह के सत्र में होंगी। 25 स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश में भी चार मई का समय लंबा चला

मार्च तक परिणाम घोषित होंगे। सीबीएसई की तर्ज पर चार मई से जाएगा और अगले सत्र में देरी हो

इनके आठ अप्रैल से 17 अप्रैल परीक्षाएं लेने का एलान कर दिया जाएगी। सरकार ने सभी पक्षों से

तक प्रैक्टीकल होंगे। इसके बाद था। इसी बीच कई अभिभावकों और चर्चा करने के बाद अब वार्षिक

वार्षिक परीक्षाएं ली जाएंगी। प्री बोर्ड शिक्षक संघों ने मई में परीक्षाएं परीक्षा में बदलाव का फैसला

परीक्षा में कम अंक प्राप्त करने वाले करवाने पर सरकार के समक्ष लिया है। >> अप्रैल में होंगी यूजी

विद्यार्थियों की 15 अप्रैल तक आपत्तियां जताई और अप्रैल में परीक्षाएं एचपीयू ने तय किया

बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक  परीक्षाएं अब 20 अप्रैल से


जुकाम और बुखार के लक्षण वाले विद्यार्थियों के स्कूल आने पर रोक


विद्यार्थियों को 15 फरवरी

शिमला। एक फरवरी से खुलने जा तक जमा करवानी होगी फीस

रहे स्कूलों में खांसी, बुखार और धर्मशाला। स्कूल शिक्षा बोर्ड से मान्यता

जुकाम

के लक्षण वाले प्राप्त निजी विद्यालयों के पांचवीं कक्षा

विद्यार्थियों को नहीं आने की अपील और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को 15

की गई है।

फरवरी तक फीस जमा करवानी होगी।

शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल

पांचवीं के विद्यार्थी को 50 रुपये, जबकि

आठवीं के विद्यार्थी को 100 रुपये देने

प्रिंसिपलों को जारी निर्देशों में कहा है

होंगे। स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ.

कि व्हाट्सएप के माध्यम से सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि निजी

अभिभावकों को हिदायत दी जाए विद्यालयों की पांचवीं और आठवीं कक्षा

कि अगर उनके बच्चों में कोई इस

की वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र बोर्ड

की ओर से उपलब्ध करवाए जाएंगे।

तरह के लक्षण हैं तो उन्हें पूरी तरह

से ठीक होने तक स्कूल न भेजें। कहा गया है। हालांकि अगर कोई

इसके अलावा शिक्षकों को भी शिक्षक अस्वस्थ हो तो उन्हें सरकारी

एहतियात बरतने के लिए कहा है, अस्पताल के डॉक्टर की पर्ची

पूरी तरह से स्वस्थ होने पर ही प्रिंसिपल को दिखाने पर ही स्कूल न

शिक्षकों को स्कूल आने के लिए आने से छूट मिलेगी।



बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं अब 20 अप्रैल से

 बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक
परीक्षाएं अब 20 अप्रैल से

राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड के परीक्षा शेड्यूल में सरकार ने किया बदलाव

आठ से 20 मार्च के बीच

शिमला। हिमाचल प्रदेश में दसवीं

शाम के सत्र में होंगी

और बारहवीं कक्षाओं की राज्य

नौवीं और जमा एक की

स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक

वार्षिक परीक्षाएं

परीक्षाएं अब चार मई की जगह

बीस अप्रैल से शुरू होंगी। बोर्ड की

गैर बोर्ड कक्षाओं नौवीं और जमा

ओर से बीते दिनों जारी परीक्षा 10वीं और 12वीं कक्षा की

एक की वार्षिक परीक्षाएं आठ से

20 मार्च के बीच शाम के सत्र में

शेड्यूल में प्रदेश सरकार ने बदलाव प्री बोर्ड परीक्षाएं 8 से 20

होंगी। 31 मार्च को इनके परिणाम

करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व मार्च के बीच सुबह के सत्र में घोषित होंगे। एक अप्रैल 2021 से

निर्धारित प्रस्ताव

अब करीब दो

नया शैक्षणिक सत्र शुरू किया

सप्ताह पहले परीक्षाएं लेने की तैयारी निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा जाएगा। इनके प्रैक्टीकल 1 से 5

है। उच्च शिक्षा निदेशालय और ने बताया कि जल्द प्री बोर्ड मार्च के बीच होंगे। शिक्षा बोर्ड ने

स्कूल शिक्षा बोर्ड के बीच इसको परीक्षाओं की डेटशीट घोषित की शिक्षा उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं

लेकर औपचारिकताएं पूरी की जा जाएगी। गौर हो कि सीबीएसई ने कि विद्यार्थी संख्या के मुताबिक

रही हैं।

चार मई से देश भर में दसवीं और प्रश्नपत्रों के लिए आवेदन करें।

उधर, दसवीं और बारहवीं कक्षा बारहवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं

की प्री बोर्ड परीक्षाएं 8 से 20 मार्च लेने की घोषणा की है। इसी बीच अभिभावकों का कहना है कि

के बीच सुबह के सत्र में होंगी। 25 स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश में भी चार मई का समय लंबा चला

मार्च तक परिणाम घोषित होंगे। सीबीएसई की तर्ज पर चार मई से जाएगा और अगले सत्र में देरी हो

इनके आठ अप्रैल से 17 अप्रैल परीक्षाएं लेने का एलान कर दिया जाएगी। सरकार ने सभी पक्षों से

तक प्रैक्टीकल होंगे। इसके बाद था। इसी बीच कई अभिभावकों और चर्चा करने के बाद अब वार्षिक

वार्षिक परीक्षाएं ली जाएंगी। प्री बोर्ड शिक्षक संघों ने मई में परीक्षाएं परीक्षा में बदलाव का फैसला

परीक्षा में कम अंक प्राप्त करने वाले करवाने पर सरकार के समक्ष लिया है। >> अप्रैल में होंगी यूजी

विद्यार्थियों की 15 अप्रैल तक आपत्तियां जताई और अप्रैल में परीक्षाएं एचपीयू ने तय किया

बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक  परीक्षाएं अब 20 अप्रैल से


जुकाम और बुखार के लक्षण वाले विद्यार्थियों के स्कूल आने पर रोक


विद्यार्थियों को 15 फरवरी

शिमला। एक फरवरी से खुलने जा तक जमा करवानी होगी फीस

रहे स्कूलों में खांसी, बुखार और धर्मशाला। स्कूल शिक्षा बोर्ड से मान्यता

जुकाम

के लक्षण वाले प्राप्त निजी विद्यालयों के पांचवीं कक्षा

विद्यार्थियों को नहीं आने की अपील और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को 15

की गई है।

फरवरी तक फीस जमा करवानी होगी।

शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल

पांचवीं के विद्यार्थी को 50 रुपये, जबकि

आठवीं के विद्यार्थी को 100 रुपये देने

प्रिंसिपलों को जारी निर्देशों में कहा है

होंगे। स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ.

कि व्हाट्सएप के माध्यम से सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि निजी

अभिभावकों को हिदायत दी जाए विद्यालयों की पांचवीं और आठवीं कक्षा

कि अगर उनके बच्चों में कोई इस

की वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र बोर्ड

की ओर से उपलब्ध करवाए जाएंगे।

तरह के लक्षण हैं तो उन्हें पूरी तरह

से ठीक होने तक स्कूल न भेजें। कहा गया है। हालांकि अगर कोई

इसके अलावा शिक्षकों को भी शिक्षक अस्वस्थ हो तो उन्हें सरकारी

एहतियात बरतने के लिए कहा है, अस्पताल के डॉक्टर की पर्ची

पूरी तरह से स्वस्थ होने पर ही प्रिंसिपल को दिखाने पर ही स्कूल न

शिक्षकों को स्कूल आने के लिए आने से छूट मिलेगी।



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